छत्तीसगढ़. असल बात news. 0 विशेष संवाददाता सभी मुख्य राजनीतिक दलों ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा क...
छत्तीसगढ़.
असल बात news.
0 विशेष संवाददाता
सभी मुख्य राजनीतिक दलों ने नगरीय निकाय चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है,और अब इस चुनाव के लिए नामांकन दाखिले का समय खत्म होने जा रहा है.इसके बाद राजनीतिक दलों का फोकस,अब पंचायत चुनाव की ओर बढ़ रहा है. पंचायत चुनाव के लिए कल से नामांकन भरना शुरू हो जाएगा.पंच- सरपंच के चुनाव में राजनीतिक दलों के सिंबाल का इस्तेमाल नहीं होता है इसलिए राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा इस चुनाव में सीधे जुड़ी नहीं रहेगी,लेकिन,यह प्रदेश का बहुत बड़ा चुनाव होने जा रहा है,जिसमें डेढ़ करोड़ से अधिक मतदाता हिस्सा लेने वाले हैं.तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक दल,अपने समर्थन से जिस भी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारेंगे उसे जिताने जी-जान लगा देंगे. अभी से इसकी तैयारियां चल रही है.पता चला है कि बिलासपुर,दुर्ग, राजनंदगांव सहित कई क्षेत्रों में भाजपा के द्वारा समर्थित प्रत्याशियों की कल घोषणा कर दी जाने वाली है.
छत्तीसगढ़ में त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव तीन चरण में होने जा रहे हैं.इसके पूरे चुनाव कार्यक्रम की राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा घोषणा कर दी गई है. इसमें इसके निर्वाचन के लिए तीन चरणों में क्रमशः 17 फरवरी, 20 फरवरी और 23 फरवरी को मतदान किया जायेगा. प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य के 433, जनपद पंचायत सदस्य के 2073, ग्राम पंचायत के सरपंच के 11हजार 677 एवं वार्ड पंच के 1लाख 60हजार 180 पदों के चुनाव कराए जा रहे हैं.इसमें कुल 72 लाख 20 हजार 202 पुरुष निर्वाचक, 79लाख , 02हजार 124 महिला निर्वाचक और 194 अन्य निर्वाचन हिस्सा लेंगे. इस तरह से कुल 1 करोड़ 58 लाख 12 हजार 590 निर्वाचक हिस्सा लेंगे. इस तरह से आप देख सकते हैं कि यह कितना बड़ा चुनाव होने जा रहा है.इसमें कितनी बड़ी संख्या में मतदाता हिस्सा लेंगे और कितने बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि चुने जाएंगे.नियम के अनुसार त्रि- स्तरीय पंचायत चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा. अर्थात इसमें राजनीतिक दलों के सिंबा ल का उपयोग नहीं किया जाएगा.राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा जो सिंबाल आवंटित किया जाएंगे,उसी से चुनाव लड़ा जाएगा. तो इस तरह से ग्रामीण स्तर के चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच सीधा मुकाबला तो नहीं होगा, और राजनीतिक की दलों की सीधे प्रतिष्ठा तो नहीं जुड़े रहेगी,लेकिन इतने बड़ा चुनाव है तो ग्रामीण सत्ता पर किसी न किसी तरह से कब्जा करने की कोशिश कौन नहीं करेगा.
भाजपाई खेमें के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सरपंच के लिए समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की जाएगी. लेकिन जिला पंचायत सदस्य और जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए समर्थित उम्मीदवारों के नाम जरूर घोषित किया सकते हैं. जिला पंचायत किसी भी जिले में एक बड़े विंग के रूप में काम करता है. ग्रामीण इलाकों में सारी योजनाएं इसी के माध्यम से संचालित की जाती है. किसी भी क्षेत्र में जहां समर्थित उम्मीदवारों का विरोध होता दिखेगा वहां एक से अधिक उम्मीदवार को भी समर्थन दिया जा सकता है. तो फिलहाल इंतजार कीजिए समर्थित उम्मीदवारों की सूची कल से शुरू हो सकती है. जनपद पंचायत के समर्थित उम्मीदवारों के नाम जिला स्तर पर ही तय किए जाएंगे. जबकि जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए समर्थित उम्मीदवारों का नाम प्रदेश स्तर पर तय करने की तैयारी की जा रही है.