छत्तीसगढ़ . असल बात न्यूज़. 0 विशेष संवाददाता नए बड़े पॉलिटिकल एक्सपेरिमेंट के साथ छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार ने अपने कार्य...
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असल बात न्यूज़.
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नए बड़े पॉलिटिकल एक्सपेरिमेंट के साथ छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा कर लिया है.अपनी नई सरकार के गठन में भारतीय जनता पार्टी ने यहां जो एक्सपेरिमेंट किया है उसे कोई बहुत आसान नहीं कहा जा सकता, बादल की वह एक बड़ा लेना था उसमें लाभ की संभावना थी लेकिन कहीं ना कहीं नुकसान की भी आशंका बनी हुई थी. राजनीतिक विश्लेषक जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में जैसी परिस्थितियों हैं उसमें तो यह बिल्कुल सरल नहीं था, लेकिन अब कहा जा सकता है कि सारी कुशंकाए सतही साबित हुई है.. एक्सपेरिमेंट काफी हद तक सफल रहा है.अपने नए एक्सपेरिमेंट से यहां भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को साधने में काफी हद तक सफल रही है और और 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद कार्यकर्ताओं में जो नाराजगी ऊभरी थी,उसे दूर करने में पार्टी को अब काफी हद तक सफलता मिल गई है. कहा जाता रहा है कि तब कार्यकर्ता में जो नाराज कि यहां पैदा हुई थी वही पार्टी के फिर से सत्ता में नहीं आ पाने का बड़ा कारण बन गई थी. नई नई सरकार के इस एक साल के कार्यकाल कि जब हम उपलब्धियां की बात करते हैं तो सबसे पहले यह जरूर कहा जा सकता है कि इस एक साल में महिलाएं, हर एक महीने में महतारी वंदन योजना की राशि का अपने खाते में आने का बेसब्री से इंतजार करती नजर आई है.इस सरकार के एक साल के बीतते=बीतते मंत्रिमंडल के रिसैटलिंग की बातें भी बार-बार आई हैं. लेकिन ऐसा कहीं नहीं लगता कि मंत्रिमंडल की रिसेंटलिंग को लेकर आम जनता में भी कोई उत्सुकता है अथवा आम जनता को इसमें कोई रूचि है. फिलहाल तो मैं चेहरों के होने के चलते आम लोगों को इससे कोई फर्क पड़ता नहीं दिखता है कि मंत्रिमंडल में किसे जगह मिलने वाली है और कौन हटाया जा सकता है. हां प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के बाद बार-बार उठ रही है. अधिकारी वर्ग को किस तरह से नियंत्रित किया जा सकता है, इसके लिए कोई बड़ा कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.नहीं तो यह काम पहले के जैसे ही ढर्रे पर चलता दिख रहा है.
चाहे केंद्र हो या राज्य कहीं भी जब नई सरकार बनती है, जनता सरकार को बदल देती है,सत्तासीन पार्टी को गुस्से में आकर सत्ता से बेधखल कर देती है आम तो लोगों के मन में ऐसी आस रहती है, उनके राज्य में अब कुछ नया होता नजर आएगा. तब यह भी इंतजार रहता है कि नई सरकार कुछ नई चीज करेगी, जय कल्याण के दिशा में कोई निर्णय लेगी. पिछली सरकार के समय जो शिकायते थी उसे दूर करने कुछ योजना बनाएंगी.इस दिशा में कोई बड़ा परिवर्तन लाएगी प्रशासनिक कामकाज के साथ योजनाओ में कुछ बड़ा परिवर्तन होता नजर आएगा. लेकिन अमूमन सरकारे बदलती रहती है, कामकाज का ढर्रा वैसा का वैसा ही चलता रहता है. प्रदेश में नई सरकार बनी है इसके कामकाज को अब एक साल पूरे हो गए हैं तो इस मामले में यहां भी काफी कुछ यही हालत नजर आते हैं. राजस्व मामले में जो शिकायत थी वह अभी भी जट बनी नजर आती है.जल जीवन मिशन की योजना तो पिछले एक साल में राज्य में दम तोड़ती नजर आई है. लेकिन राज्य में पिछली सरकार का जो आरोप लगे थे वह अभी उससे ऊपर नहीं पाई है. पिछली सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे तमाम लोगों पर कार्रवाईयां हो रही हैं जिसमें मंत्रीगण भी शामिल है. यह तो सब जानते हैं कि पिछली सरकार के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक मंत्री अभी भी जेल में है. पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ भी बड़ी जांच होने की संभावना बनी हुई है.
किसी भी सरकार के कामकाज का, पांच साल के पहले एक साल में कोई बहुत अधिक साफ-साफ आँकलन तो नहीं किया जा सकता है.