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कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा द्वारा प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन

कवर्धा,असल बात कवर्धा, कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान...

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कवर्धा,असल बात


कवर्धा, कृषि विज्ञान केन्द्र, कवर्धा एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में 24 मार्च को ग्राम बिरकोना, विकासखण्ड कवर्धा में जलवायु परिवर्तन का कृषि पर प्रभाव एवं प्रतिरोधक कृषि तकनीक पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत ग्राम बिरकोना, धरमपुरा और नेवारी में चना, अलसी और तिवड़ा फसलों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जी. के. दास, आधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने बताया कि इस योजना का प्रमुख उद्देश्य उन्नत उत्पादन और जोखिम प्रबंधन प्रौद्योगिकियों के विकास और अनुप्रयोग के माध्यम से भारतीय कृषि की लचीलापन को बढ़ाना है, जो जलवायु परिवर्तनशीलता और जलवायु परिवर्तन के प्रति फसलों, पशुधन और मत्स्य पालन को कवर करता है। उन्होंने कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि अनुसंधान और इसके अनुप्रयोग में वैज्ञानिकों और अन्य हितधारकों की क्षमता को बढ़ाने के लिए किसानों के खेतों पर साइट विशिष्ट प्रौद्योगिकी पैकेजों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. जे. एल. चौधरी, वैज्ञानिक, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने बताया कि इस परियोजना के तहत किसानों को जलवायु परिवर्तन से कृषि पर होने वाले प्रभाव और उनसे बचने के उपायों से अवगत कराया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल की लागत को कम कर सकें और अधिक मुनाफा कमा सकें। उन्होंने दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने की बात भी की, जिससे मौसम के विपरीत प्रभावों से बचा जा सके। 

डॉ. बी. पी. त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने जलवायु परिवर्तन से कीट और रोग संक्रमण पर पड़ने वाले प्रभावों और उनसे बचने के उपायों के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस कार्यक्रम में चना, अलसी और तिवड़ा उत्पादन तकनीकी, उन्नत किस्म के बीज और सम्पूर्ण फसल सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त कबीरधाम जिले की प्रमुख फसलों - धान, सोयाबीन, गन्ना और चना उत्पादन तकनीकी पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। 


वैज्ञानिक श्री बी. एस. परिहार ने उन्नत किस्म के बीज और उर्वरक प्रबंधन की जानकारी साझा की। इस कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में भी जागरूक किया गया।

प्रक्षेत्र दिवस के इस आयोजन में ग्राम बिरकोना के 100 से अधिक किसान, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री रामेश्वर पात्रे, इंजी. टी. एस. सोनवानी, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि अभियांत्रिकी, डॉ. महानंद, प्रक्षेत्र प्रबंधक और ग्राम बिरकोना के उपसरपंच, पंच और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में कृषकों और अतिथियों द्वारा प्रक्षेत्र में लगे अलसी फसल का भ्रमण और अवलोकन किया गया।

असल बात,न्यूज