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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को देखने और सुनने पहुंचे युवा, बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी और लखपति दीदियां

   *बस्तर में बदलाव और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का जताया आभार रायपुर  . असल बात news.    30 मार्च 2025. प्रधानमंत्री श...

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*बस्तर में बदलाव और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का जताया आभार

रायपुर  .

असल बात news. 

 30 मार्च 2025.

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मैं छत्तीसगढ़ के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य देख रहा हूं। बस्तर ओलंपिक का सफल और शानदार आयोजन एक सुखद बदलाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ संसाधनों, सपनों और सामर्थ्य से भरपूर है। आज से 25 वर्ष बाद जब हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का 50वां वर्ष मनाएंगे तब छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा।   

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को देखने और सुनने के लिए युवा, बस्तर ओलंपिक विजयी प्रतिभागी, लखपति दीदियां, नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी मोहभट्ठा पहुंचे थे।  कार्यक्रम के दौरान बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी अपने हाथों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की तस्वीर को लहराते रहे और बीच-बीच में प्रधानमंत्री जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। बीते सवा सालों में बस्तर के समग्र विकास और वहां के लोगों की बेहतरी के लिए डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि नक्सल हिंसा कमजोर होने के बाद लोगों में उत्साह को बढ़ाने के लिए बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया। इसमें 1 लाख 65 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें नक्सल हिंसा से अपना अंग गंवा चुके लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर में अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की सराहना की और इसे बदलते हुए बस्तर का प्रतीक बताया था। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में महिलाओं को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।  छत्तीसगढ़ में अब तक सवा दो लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं। इस वित्त वर्ष में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिली छत्तीसगढ़ को 33 हजार 700 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि  हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है।  उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।

*जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है।

*2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।

*आदिवासी विकास में विशेष योगदान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा।

*छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है।  यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

 जनजातीय कला की समृद्ध विरासत का सम्मान – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया "उसुड़" वाद्ययंत्र का मोमेंटो

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और जनजातीय परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो बांस से निर्मित अनूठे जनजातीय वाद्ययंत्र "उसुड़" का प्रतीक है। यह मोमेंटो छत्तीसगढ़ की गोंडी संस्कृति, बस्तर की कला और नारी शक्ति की विविध परंपराओं का संगम है।

*"उसुड़": बांस से बना जीवंत संगीत वाद्ययंत्र

गोंडी बोली में "उसुड़" कहा जाने वाला यह वाद्ययंत्र पूरी तरह बांस से निर्मित होता है। लगभग ढाई से तीन फीट लंबा यह वाद्य, हाथों से पकड़कर घुमाकर बजाया जाता है, जिससे एक विशेष कंपन और ध्वनि उत्पन्न होती है। इसके ऊपरी भाग में लोहे के तीन गोल वासर लगाए जाते हैं और बाहरी सतह को गर्म लोहे से दागकर पारंपरिक शैली में सजाया जाता है। यह वाद्ययंत्र एक सांस्कृतिक प्रतीक है, जो छत्तीसगढ़ की जनजातीय आत्मा को दर्शाता है।

*जनजातीय शिल्पगुरु श्री बुटलूराम मायरा का योगदान

इस वाद्ययंत्र को नारायणपुर जिले के देवगांव निवासी जनजातीय शिल्पकार श्री बुटलूराम मायरा ने अपने हाथों से निर्मित किया है। श्री मायरा विगत चार दशकों से जनजातीय कला के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय हैं। उनके योगदान की सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं ‘मन की बात’ के 115वें एपिसोड में कर चुके हैं।

*बस्तर की कला को राष्ट्रीय मंच पर पहुँचाया

बांस शिल्प और तुमा (सूखी लौकी) शिल्प में पारंगत श्री मायरा ने न केवल बस्तर की लोककला को जीवित रखा, बल्कि 60 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय नृत्य दलों का गठन कर देशभर में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। उनके इस प्रेरणादायक कार्य हेतु उन्हें वर्ष 2024 में "शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान" से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह मोमेंटो केवल एक सांस्कृतिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की विविधता, नारी शक्ति, जनजातीय आत्मनिर्भरता और स्थानीय प्रतिभा के उत्थान का प्रतीक है। यह प्रधानमंत्री जी की "वोकल फॉर लोकल" और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की परिकल्पना से गहराई से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा भेंट किया गया यह मोमेंटो छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपरा, बांस शिल्प, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में चल रहे प्रयासों का जीवंत प्रतीक है। यह भेंट प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में स्थानीय कौशल, सांस्कृतिक समरसता और महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक सार्थक योगदान है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भेंट: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।

*महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत

बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है।

यह भेंट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है।

बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  को भेंट कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है।




*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर  किया शुभारंभ

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के मोहभट्ठा बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर  पर 2,695 करोड़ रूपए की लागत से पूरी हो चुकी चार रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही  7 रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और यात्रियों को किफायती एवं सुगम परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

रायपुर और अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन शुरू होने से आम लोगों के लिए आवागमन किफायती और आसान होगा। इस ट्रेन का ठहराव मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री और अभनपुर स्टेशनों पर होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 747 करोड़ की लागत से राजनांदगांव-बोरतलाव तक बिछाई गई तीसरी रेल लाइन, 353 करोड़ की लागत से मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर नई रेल लाइन, 88 करोड़ की लागत से दुर्ग-रायपुर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ही छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लोकार्पण किया। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खरसिया-झाराडीह पांचवीं रेल लाइन, सरगबुंदिया-मड़वारानी तीसरी-चौथी रेल लाइन, दाधापारा-बिल्हा-दगोरी चौथी रेल लाइन, निपनिया-भाटापारा-हथबंद चौथी रेल लाइन, भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन चौथी रेल लाइन, राजनांदगांव-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन, और करगी रोड-सल्का रोड तीसरी रेल लाइन का शिलान्यास किया। 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप इस मौके पर अभनपुर रेल स्टेशन पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रेल सुविधाओं का विकास राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खोलेगा, जिससे आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर से अभनपुर के बीच शुरू की गई मेमू ट्रेन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में रेल सुविधाओं का विस्तार बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक  किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा रेल्वे नेटवर्क से जुड़े। कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील कुमार सोनी, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री गुरु खुशवंत साहेब,  श्री इंद्र कुमार साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप, ज़िला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।